जपमाला के रहस्य
आनन्दपूर्ण रहस्य
1. रहस्य
जिन्हें आपने, हे कुँवारी, पवित्र आत्मा से गर्भ में धारण किया
स्वर्गदूत ने उसके यहाँ अन्दर आकर उससे कहा, “प्रणाम, प्रभु की कृपापात्री! प्रभु आपके साथ है। … देखिए, आप गर्भवती होंगी, पुत्र प्रसव करेंगी और उनका नाम यीशु रखेंगी। वे महान् होंगे और सर्वोच्च प्रभु के पुत्र कहलायेंगे…” मरियम ने कहा, “देखिए, मैं प्रभु की दासी हूँ। आपका कथन मुझ में पूरा हो जाये।” (लूकस 1,28-38)
हे प्रभु यीशु मसीह, हम आपको आपकी माता के गर्भ में देहधारण का यह रहस्य अर्पित करते हैं और उनकी मध्यस्थता से आपसे गहरी विनम्रता तथा हर उस बात के लिए तत्परता माँगते हैं जो ईश्वर हमसे चाहता है।
2. रहस्य
जिन्हें आप, हे कुँवारी, एलीज़बेथ के पास ले गईं
उन दिनों मरियम पहाड़ी प्रदेश में यूदा के एक नगर के लिए शीघ्रता से चल पड़ी … उसने एलीज़बेथ का अभिवादन किया … और एलीज़बेथ पवित्र आत्मा से परिपूर्ण हो गयी। वह ऊँचे स्वर से बोल उठी, “आप नारियों में धन्य हैं और धन्य है आपके गर्भ का फल!” (लूकस 1,39-42)
हे मरियम, इस रहस्य के द्वारा हमारे लिए त्याग से भरा पड़ोसी-प्रेम माँगिए।
3. रहस्य
जिन्हें आपने, हे कुँवारी, बेथलेहेम में जन्म दिया
और उसने अपने पहलौठे पुत्र को जन्म दिया और उसे कपड़ों में लपेट कर चरनी में लिटा दिया; क्योंकि उनके लिए सराय में जगह नहीं थी। (लूकस 2,7)
हे मरियम, इस रहस्य के द्वारा हमारे लिए शिशु-सुलभ आत्मा तथा सरलता और निर्धनता का प्रेम माँगिए।
4. रहस्य
जिन्हें आपने, हे कुँवारी, मन्दिर में अर्पित किया
वे बालक को प्रभु को अर्पित करने के लिए येरूसालेम ले गये … सिमेयोन ने यीशु को अपनी गोद में ले लिया और ईश्वर की स्तुति करते हुए कहा, “मेरी आँखों ने उस मुक्ति को देखा है, जिसे तूने सब राष्ट्रों के लिए प्रस्तुत किया है। यह ग़ैर-यहूदियों के प्रबोधन के लिए ज्योति है …” (लूकस 2,22-32)
हे मरियम, इस रहस्य के द्वारा हमारे लिए शरीर और आत्मा की पवित्रता तथा मसीह को सदा निष्ठा से स्वीकार करने की कृपा माँगिए।
5. रहस्य
जिन्हें आपने, हे कुँवारी, मन्दिर में फिर पाया
तीन दिनों के बाद उन्होंने यीशु को मन्दिर में शास्त्रियों के बीच बैठे, उनकी बातें सुनते और उन से प्रश्न करते पाया। सभी सुनने वाले उसकी बुद्धि और उसके उत्तरों पर चकित रह जाते थे। (लूकस 2,46-47)
हे मरियम, इस रहस्य के द्वारा हमारे लिए यीशु के साथ घनिष्ठ मिलन और उनके प्रेम में अधिकाधिक बढ़ने की कृपा माँगिए।
दुःखद रहस्य
1. रहस्य
जिन्होंने हमारे लिए रक्त का पसीना बहाया
तब वे पत्थर फेंकने की दूरी तक उन से अलग हो गये और घुटने टेक कर उन्होंने यह कहते हुए प्रार्थना की, “पिता! यदि तू ऐसा चाहे, तो यह प्याला मुझ से हटा ले। फिर भी मेरी नहीं, बल्कि तेरी ही इच्छा पूरी हो।” … वे प्राणपीड़ा में पड़ने के कारण और भी एकाग्र हो कर प्रार्थना करते रहे और उनका पसीना रक्त की बूँदों की तरह धरती पर टपकता रहा। (लूकस 22,41-45)
हे मरियम, इस रहस्य के द्वारा हमारे लिए अपने पापों पर गहरा पश्चाताप माँगिए।
2. रहस्य
जिन्हें हमारे लिए कोड़े लगाए गए
“क्या तुम लोग चाहते हो कि मैं तुम्हारे लिये यहूदियों के राजा को रिहा कर दूँ?” इस पर वे चिल्ला उठे, “इसे नहीं, बराब्बस को।” … तब पिलातुस ने यीशु को ले जा कर कोड़े लगाने का आदेश दिया। (योहन 18,39-40; 19,1)
हे मरियम, इस रहस्य के द्वारा हमारे लिए प्रायश्चित और आत्म-दमन की भावना माँगिए।
3. रहस्य
जिन्हें हमारे लिए काँटों का मुकुट पहनाया गया
सैनिकों ने काँटों का मुकुट गूँथ कर उनके सिर पर रख दिया और उन्हें बैंगनी कपड़ा पहनाया। फिर वे उनके पास आ-आ कर कहते थे, “यहूदियों के राजा प्रणाम!” और वे उन्हें थप्पड़ मारते जाते थे। (योहन 19,2-3)
हे मरियम, इस रहस्य के द्वारा हमारे लिए संसार की आत्मा से और अपनी इच्छा-हठ से विरक्ति माँगिए।
4. रहस्य
जिन्होंने हमारे लिए भारी क्रूस उठाया
वे यीशु को ले गये और वह अपना क्रूस ढोते हुये खोपड़ी की जगह नामक स्थान गये। इब्रानी में उसका नाम गोलगोथा है। (योहन 19,17-18)
जो मेरा अनुसरण करना चाहता है, वह आत्मत्याग करे और प्रतिदिन अपना क्रूस उठा कर मेरे पीछे हो ले। (लूकस 9,23)
हे मरियम, इस रहस्य के द्वारा हमारे लिए दुःखों और विपत्तियों में धैर्य माँगिए।
5. रहस्य
जिन्हें हमारे लिए क्रूस पर चढ़ाया गया
जब उन्होंने यीशु के पास आकर देखा कि वह मर चुके हैं… एक सैनिक ने उनकी बगल में भाला मारा और उस में से तुरन्त रक्त और जल बह निकला। (योहन 19,33-34)
हे मरियम, इस रहस्य के द्वारा हमारे लिए सच्चा मन-परिवर्तन और यीशु का क्षमाशील प्रेम माँगिए।
महिमामय रहस्य
1. रहस्य
जो मृतकों में से जी उठे
प्रभु का एक दूत स्वर्ग से उतरा, कब्र के पास आया और पत्थर अलग लुढ़का कर उस पर बैठ गया। उसका मुखमण्डल बिजली की तरह चमक रहा था और उसके वस्त्र हिम के समान उज्ज्वल थे। स्वर्गदूत ने स्त्रियों से कहा, “डरिए नहीं। मैं जानता हूँ कि आप लोग यीशु को ढूँढ़ रही हैं, जो क्रूस पर चढ़ाये गये थे। वे यहाँ नहीं हैं। वे जी उठे हैं, जैसा कि उन्होंने कहा था।” (मत्ती 28,2-6)
हे मरियम, इस रहस्य के द्वारा हमारे लिए जीवित विश्वास और प्रेरितिक उत्साह माँगिए।
2. रहस्य
जो स्वर्ग में आरोहित हुए
इसके बाद यीशु ने उन से कहा, “संसार के कोने-कोने में जाकर सारी सृष्टि को सुसमाचार सुनाओ।” … प्रभु यीशु अपने शिष्यों से बातें करने के बाद स्वर्ग में आरोहित कर लिये गये और ईश्वर के दाहिने विराजमान हो गये। (मारकुस 16,15/19-20)
हे मरियम, इस रहस्य के द्वारा हमारे लिए स्वर्ग की तीव्र अभिलाषा माँगिए।
3. रहस्य
जिन्होंने हमें पवित्र आत्मा भेजा
जब पेंतेकोस्त का दिन आया और सब शिष्य एक स्थान पर इकट्ठे थे, तो अचानक आँधी-जैसी आवाज आकाश से सुनाई पड़ी और सारा घर, जहाँ वे बैठे हुए थे, गूँज उठा … उन्हें एक प्रकार की आग दिखाई पड़ी जो जीभों में विभाजित होकर उन में से हर एक के ऊपर आ कर ठहर गयी। वे सब पवित्र आत्मा से परिपूर्ण हो गये। (प्रेरित-चरित 2,1-4)
हे मरियम, इस रहस्य के द्वारा हमारे लिए पवित्र आत्मा के वरदान और प्रार्थना की महान लगन माँगिए।
4. रहस्य
जिन्होंने आपको, हे कुँवारी, स्वर्ग में उठा लिया
“मेरी आत्मा प्रभु का गुणगान करती है, मेरा मन अपने मुक्तिदाता ईश्वर में आनन्द मनाता है; क्योंकि उसने अपनी दीन दासी पर कृपादृष्टि की है। अब से सब पीढ़ियाँ मुझे धन्य कहेंगी; क्योंकि सर्वशक्तिमान् ने मेरे लिए महान् कार्य किये हैं। पवित्र है उसका नाम!” (लूकस 1,46-48)
हे मरियम, इस रहस्य के द्वारा हमारे लिए सुखद मृत्यु माँगिए।
5. रहस्य
जिन्होंने आपको, हे कुँवारी, स्वर्ग में मुकुट पहनाया
आकाश में एक महान् चिह्न दिखाई दिया: सूर्य का वस्त्र ओढ़े एक महिला दिखाई पड़ी। उसके पैरों तले चन्द्रमा था और उसके सिर पर बारह नक्षत्रों का मुकुट। (प्रकाशना 12,1)
हे मरियम, इस रहस्य के द्वारा हमारे लिए अपनी स्वामिनी और रानी, आपके प्रति महान प्रेम और आपकी सेवा में दृढ़ता की कृपा माँगिए।